बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त एक बार फिर अपनी फिल्म के एक डायलॉग को लेकर विवादों में घिर गए हैं। गुजरात के बलोच मकराणी समाज ने संजय दत्त द्वारा फिल्म में बोले गए एक संवाद पर कड़ी आपत्ति जताई है। समाज का आरोप है कि इस डायलॉग ने उनकी भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है और उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास किया गया है।
नाराज बलोच समाज के नेताओं ने इसके विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम अधिकारियों को एक ज्ञापन भी सौंपा है।
क्या है वह विवादित डायलॉग?
विवाद की मुख्य वजह फिल्म का वह दृश्य है जिसमें संजय दत्त एक डायलॉग बोलते हैं। डायलॉग कुछ इस प्रकार है:
“हमेशा बोलता हूं बड़े साहब, मगरमच्छ पे भरोसा कर सकते हैं, लेकिन बलोच पे नहीं।”
बलोच मकराणी समाज का कहना है कि इस एक लाइन ने पूरे समाज को अविश्वसनीय बताकर अपमानित किया है। उनका मानना है कि फिल्म में ‘बलोच’ शब्द का इस तरह नकारात्मक इस्तेमाल करना सरासर गलत है और यह फसाद की जड़ बन गया है।
फिल्म के प्रसारण पर रोक की मांग
गुजरात बलोच मकराणी समाज के अध्यक्ष जहांगीर बलोच के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में हजारों की संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। समाज ने फिल्म निर्माताओं और प्रशासन के सामने स्पष्ट मांगें रखी हैं:
- फिल्म से इस विवादित डायलॉग को तुरंत हटाया जाए।
- जब तक डायलॉग नहीं हटता, फिल्म के प्रसारण (Screening) पर रोक लगाई जाए।
- समाज की भावनाओं को आहत करने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जाए।
कोर्ट जाने की चेतावनी
विरोध प्रदर्शन कर रहे नेताओं ने प्रशासन और फिल्म मेकर्स को अल्टीमेटम दे दिया है। उनका कहना है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे गांधीजी के अहिंसक मार्ग पर चलते हुए पूरे गुजरात में व्यापक आंदोलन छेड़ेंगे।
इसके साथ ही, समाज ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अपनी प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए वे कानूनी लड़ाई लड़ने से भी पीछे नहीं हटेंगे। जरूरत पड़ने पर वे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए भी तैयार हैं।