ब्रिटेन में धर्म परिवर्तन के रुझान तेजी से बदल रहे हैं, जिसमें सबसे बड़ा आकर्षण इस्लाम की ओर बढ़ रहा है। इंस्टीट्यूट फॉर द इम्पैक्ट ऑफ फेथ इन लाइफ (IIFL) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक संघर्षों और अन्याय की भावना लोगों को इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है। इसका एक प्रमुख उदाहरण 2023-24 के इजराइल-गाज़ा युद्ध के दौरान पश्चिमी देशों में इस्लाम अपनाने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि है।
ब्रिटेन में ईसाई आबादी में गिरावट और सेक्युलरिज़्म का उदय
रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि ब्रिटेन में ईसाई धर्म छोड़ने वालों की संख्या अधिक है और अब देश की ईसाई आबादी 50% से नीचे आ गई है। 2021 की जनगणना के अनुसार 46.2% ही खुद को ईसाई बताते हैं, जो 2011 के मुकाबले 13% की गिरावट है। इसके अलावा, 39% लोग किसी भी संगठित धर्म से बाहर हो गए हैं, जिसमें सबसे ज्यादा ईसाई धर्म छोड़ने वाले हैं।
मानसिक स्वास्थ्य कई धर्मों में बदलाव का कारण
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि इस्लाम अपनाने वालों में 18% ने मानसिक स्वास्थ्य को मुख्य वजह बताया है। तनाव, ट्रॉमा या जीवन के बड़े उतार-चढ़ाव के दौरान इस्लाम को स्थिरता और स्पष्टता के रूप में देखा जा रहा है। ईसाई धर्म अपनाने वालों में प्रमुख कारण शोक और प्रियजनों के खोने का दर्द है। हिंदू, बौद्ध और सिख धर्म अपनाने वालों में मानसिक स्वास्थ्य और वेलनेस प्रैक्टिस, जैसे योग, ध्यान और माइंडफुलनेस प्रमुख कारण हैं, जिसमें 35% कन्वर्ट्स ने इन्हें अपनाने की वजह बताया।