रामपुर की एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी नेता आज़म खां के बेटे और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आज़म को दो पासपोर्ट प्राप्त करने के मामले में दोषी ठहराते हुए 7 साल की कैद और 50,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467, 468 (जालसाजी) और 471 (जाली दस्तावेज़ का उपयोग) के तहत यह सजा दी। यह फैसला 2019 में भाजपा विधायक आकाश सक्सेना की शिकायत पर दर्ज केस में आया, जिसमें अब्दुल्ला ने जन्मतिथि में हेरफेर कर दो पासपोर्ट बनवाए थे।
पासपोर्ट अधिकारी की लापरवाही पर सख्त टिप्पणी
बरेली पासपोर्ट कार्यालय के अधिकारी मोहम्मद नसीम की गवाही मामले में अहम रही, जिन्होंने बिना पुलिस सत्यापन के आवेदन वाले ही दिन दूसरा पासपोर्ट जारी कर दिया। अदालत ने अधिकारी के कोर्ट बयान को अनुचित बताते हुए कहा कि यह आरोपी से प्रभावित होने का संकेत देता है, जो कानून व्यवस्था और देश की साख को नुकसान पहुंचाता है। जज ने जोर दिया कि प्रभावशाली लोग पहचान के दम पर विदेश भागने या कानूनी कार्रवाई से बच सकते हैं, जो न्याय व्यवस्था के लिए खतरा है।
विभागीय कार्रवाई की सिफारिश
अदालत ने पासपोर्ट अधिकारी मोहम्मद नसीम के खिलाफ विदेश मंत्रालय को कार्रवाई की सिफारिश भेजने का आदेश दिया, चाहे वे नौकरी में हों या रिटायर्ड। अभियोजन पक्ष के सहायक अधिकारी स्वदेश शर्मा ने बताया कि यह सिफारिश जिला मजिस्ट्रेट या पुलिस अधीक्षक के माध्यम से केंद्र सरकार तक पहुंचेगी। अदालत का उद्देश्य भविष्य में अधिकारियों द्वारा नियम तोड़कर प्रभावशाली लोगों को लाभ न देने को सुनिश्चित करना है।
प्रभावशाली परिवार पर कानून की बराबरी
अदालत ने उल्लेख किया कि अब्दुल्ला एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से हैं, जहां पिता आज़म खां चार दशक से यूपी राजनीति में सक्रिय हैं। फिर भी, सामाजिक स्थिति या राजनीतिक पहचान के आधार पर राहत नहीं दी जा सकती, क्योंकि “कानून सबके लिए समान है”। यदि ताकतवरों को विशेष लाभ मिला तो जनता का न्याय व्यवस्था पर भरोसा डगमगाएगा।
अब्दुल्ला के अन्य केस और जेल स्थिति
यह अब्दुल्ला की तीसरी प्रमुख सजा है; नवंबर में पिता-पुत्र को फर्जी पैन कार्ड मामले में 7-7 साल की सजा मिली थी। 2023 में जन्म प्रमाण पत्र जालसाजी में पूरे परिवार को 7 साल कैद हुई। रामपुर जेल में बंद अब्दुल्ला के वकील ने हाईकोर्ट में अपील की योजना बताई। आज़म के खिलाफ 77 और अब्दुल्ला के खिलाफ 40 केस लंबित हैं।