नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र (Winter Session) के दौरान लोकसभा में आज उस वक्त अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई, जब सदन के भीतर एक सांसद द्वारा ई-सिगरेट (E-Cigarette) पीने का मुद्दा गूंज उठा। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद अनुराग ठाकुर ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक सांसद पर सदन के अंदर ही ई-सिगरेट पीने का गंभीर आरोप लगाया।
इस आरोप के बाद सदन में हंगामा मच गया और सत्ता पक्ष के सांसदों ने कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
प्रश्नकाल के दौरान हुआ खुलासा
यह पूरा मामला प्रश्नकाल (Question Hour) के दौरान सामने आया। जानकारी के मुताबिक, हमीरपुर से सांसद अनुराग ठाकुर जब अपना पूरक प्रश्न पूछ रहे थे, तभी उन्होंने स्पीकर ओम बिरला का ध्यान इस ओर खींचा। अनुराग ठाकुर ने शिकायत करते हुए कहा कि, “TMC सांसद सदन में ई-सिगरेट पी रहे हैं और पिछले कई दिनों से ऐसा हो रहा है।”
भाजपा सांसदों ने की कार्रवाई की मांग
जैसे ही अनुराग ठाकुर ने यह मुद्दा उठाया, सदन में मौजूद अन्य भाजपा सदस्य भी उत्तेजित हो गए। कई सांसदों ने अपनी सीटों से खड़े होकर आरोपी विपक्षी सांसद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि संसद की गरिमा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
ओम बिरला ने दिया कार्रवाई का भरोसा
सदन में बढ़ते हंगामे को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने तुरंत हस्तक्षेप किया। उन्होंने सभी सदस्यों से शांत रहने और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। स्पीकर ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “अगर इस मामले में लिखित शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो मैं निश्चित रूप से कार्रवाई करूंगा।”
देश में प्रतिबंधित है ई-सिगरेट
गौरतलब है कि भारत सरकार ने स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानते हुए कुछ साल पहले ही देश में ई-सिगरेट के उत्पादन, आयात, निर्यात, परिवहन, बिक्री, वितरण और भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध (Ban) लगा दिया था। ऐसे में देश के कानून बनाने वाले सर्वोच्च सदन के भीतर ही ई-सिगरेट के इस्तेमाल का आरोप एक बेहद गंभीर मामला है।
अब देखना यह होगा कि इस मामले में लिखित शिकायत दर्ज होने के बाद स्पीकर क्या कदम उठाते हैं।